मथुरा

संस्कृति विवि में बताए विद्यार्थियों को उद्यम खड़ा करने के तरीके

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मथुरा। संस्कृति विश्वविद्यालय के स्कूल आफ मैनेजमैंट एंड कामर्स द्वारा एमएसएमई आगरा के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विशष्ट वक्ताओं ने उद्योगों की स्थापना से लेकर उद्योग की कठिनाइयों पर कैसे सफलता पाई जाय, के बारे में विस्तार से बताया। एमएसएमई आगरा के चीफ कोर्डिनेटर योगेंद्र प्रताप सिंह ने विद्यार्थियों को सलाह देते हुए कहा कि बदलते हुए भारत में विद्यार्थियों को अपना उद्योग खड़ा करने के बारे में सोचना चाहिए। आप नौकरी की तलाश करने वाले न बनें बल्कि नौकरी देने वाले बनें। उन्होंने कहा कि जब आप अपना उद्योग खड़ा करने के बारे में सोचेंगे तो ऐसा कर पाएंगे। अगर आपके पास ऐसी सोच है तो एमएसएमई और संस्कृति विवि आपके साथ पूरा सहयोग करेगा। उन्होंने विद्यार्थियों को उद्योग कैसे खड़ा किया जा सकता है, विस्तार से बताया। इसको लेकर उन्होंने अपने स्वयं के अनुभवों को विद्यार्थियों के बीच साझा किया। कार्यक्रम में मौजूद चार्टर्ड एकाउंटेंट अभिलाष अग्रवाल ने कहा कि बहुत से विद्यार्थियों के पास अपना उद्यम खड़ा करने की सोच होती है लेकिन अक्सर यह सोच धन के अभाव में दबकर रह जाती है। आज सरकार ऐसे युवाओं की मदद के लिए साथ खड़ी है। उन्होंने विद्यार्थियों को बताया कि उद्यम खड़ा करने के लिए वे कैसे धन की व्यवस्था कर सकते हैं। उन्होंने कई योजनाओं का हवाला देते हुए कहा कि वे सरकारी और निजी स्रोतों से पूंजी की व्यवस्था कर अपना उद्यम खड़ा कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को संस्कृति स्कूल आफ मैनेजमेंट एंड कामर्स के डीन डा. अंबरीश शर्मा, प्रोग्राम कोर्डिनेटर सीपी वर्मा, संस्कृति स्कूल आफ इंजीनियरिंग के डीन सुरेश कासवान, विभागाध्यक्ष विंसेंट बालू आदि ने भी संबोधित किया। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में स्कूल आफ मैनेजमेंट एंड कामर्स व इंजीनियरिंग के विद्यार्थी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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