आगरा

वैक्सीनेशन के साथ अब होगी बच्चों की भी सुरक्षा, मिशन इंद्रधनुष का प्लान तैयार

बच्चों को जानलेवा बीमारी से बचाने के लिए 23 फरवरी से मिशन का आगाज होगा

add 22
add 21
add 20
add 2
add 1
add 14
add 13
add 12
add 15

 

आगरा : स्वास्थ्य विभाग ने बच्चों की सुरक्षा के लिए तैयारी कर ली है। महकमे ने बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए टीकाकरण को लेकर प्लानिंग बनाई है। बच्चों और गर्भवती महिलाओं का समय से टीकाकरण कराने और उन्हें जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए विभाग की ओर से 23 फरवरी से सघन मिशन इंद्र धनुष का आगाज किया जाएगा। इस अभियान में नियमित टीकाकरण के दौरान टीके से वंचित रह गए दो वर्ष तक के बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मुफ्त में टीके लगाए जाएंगे। अभियान को चलाने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक अपर्णा उपाध्याय ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अभियान में स्वास्थ्य विभाग के अलावा एकीकृत बाल विकास सेवा, शिक्षा और पंचायती राज विभाग और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का सहयोग लिया जाएगा। सघन मिशन इंद्रधनुष अभियान में दो तरह के बच्चों को शामिल किया गया। पहला लेफ्ट आउट यानी जिन बच्चों को एक भी टीका नहीं लगा है। दूसरा ड्रॉप आउट यानी ऐसे बच्चे जिन्होंने एक-दो टीके लगवाने के बाद बीच में अन्य टीके लगवाएं। ओपीवी, टिटनेस, पोलियो, तपेदिक, गला-घोंटू, निमोनिया, मैनजाइटिस, हेपटाइटिस-बी, पीलिया, काली खांसी, डीपीटी, बीजीसी, पेटा, मीजेल्स रुबेला, रोटा वायरस, टिटनेस-डिप्थीरिया, आईपीवी और विटामिन ए। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ.संजीव वर्मन ने बताया कि शासन ने कोविड-19 संक्रमण के दौरान लाकडाउन व अन्य कारणों से टीकाकरण से छूटे बच्चों का टीकाकरण कराने के निर्देश दिए हैं। नियमित टीकाकरण के साथ सघन मिशन इंद्रधनुष के जरिए टीकाकरण कवरेज को बढ़ाकर 90 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया। शासन से मिली गाइड लाइन के मुताबिक, प्रथम चरण में 28 फरवरी के अलावा एक और दो मार्च को टीकाकरण किया जाएगा। दूसरे चरण में 28 मार्च, पांच अप्रैल और छह अप्रैल को टीकाकरण होगा। टीकाकरण से पहले आशा और एएनएम की ट्रेनिंग होगी। अभियान से पहले 11 से 16 फरवरी तक आशा कार्यकर्ता हेड काउंट सर्वे कर लाभार्थियों की सूची तैयार करेंगी। फिर 17 से 19 फरवरी तक माइक्रो प्लान तैयार किया जाएगा। माइक्रो प्लान और लाभार्थियों की सूची की समीक्षा 20 फरवरी को राज्य स्तर पर की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि दो वर्ष से छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाएं, जो नियमित टीकाकरण के दौरान छूट जाते हैं। उनका इस अभियान में टीकाकरण किया जाता है। टीकारण का नाम इंद्र धनुष इसलिए रखा गया। क्योंकि, इसमें कई बीमारियों से प्रतिरक्षित करने के लिए टीके लगाए जाते हैं। जीवनी मंडी नगरीय स्वास्थ्य केंद्र पर ब्लॉक टास्क फोर्स की मीटिंग हुई। पीएचसी की प्रभारी डॉ. मेघना शर्मा ने बताया कि मीटिंग में सघन मिशन इंद्रधनुष के शुरू होने और संचारी रोगों से बचाव पर चर्चा की गई। विश्व स्वास्थ्य संगठन के मॉनिटर निखिल, पार्षद नेहा गुप्ता, प्राथमिक विद्यालय की प्रिंसिपल मंजू, पूनम और आंगनवाड़ी सुपरवाइजर आरती व आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं। मीटिंग में बताया गया कि संचारी रोगों से बचाव के उपाय बताए। मीटिंग में पूरी बाजू के कपड़े पहनने, साफ पानी पीने, अपने आस-पास जलभराव न होने के बारे में बताया गया। सीएमओ डा.आरसी पांडेय ने बताया कि जिले में 23 फरवरी से सघन मिशन इंद्रधनुष शुरू होगा। नियमित टीकाकरण के दौरान टीके से वंचित रह गए दो वर्ष तक के बच्चों व गर्भवती महिलाओं को इस विशेष अभियान में निःशुल्क टीके लगाए जाएंगे। इसके लिए सारी तैयारियों को मुकम्मल कर लिया गया।

Related Articles

Back to top button
Close