आगरा

पापियों की मनोदशा सुधारने वाला ग्रंथ रामचरितमानस महापुराण : लोकेशानंद

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आगरा/फतेहाबाद : जारौली टीले पर राजराजेश्वरी कैलादेवी के तृतीय स्थापना कार्यक्रम में पांचवें दिन संत प्रवचन में लोकेशानंद अवधूत ने कहा इस कलयुग में पूण्य कर्म करने से ही मोक्ष मिल सकता है। रामायण के महत्व के बारे में संत ने कहा कि ऋषि मुनियों की परंपराओं एवं शास्त्रों में वर्णित तथ्यों का पालन करते हुए ही संस्कारवान समाज की कल्पना की जा सकती है। रामचरितमानस को सुनने मात्र से ही बड़े बडे पाप कट जाते हैं। पापियों की भी मनोदशा सुधारने वाला ग्रंथ रामचरितमानस महापुराण हैं। उन्होंने गुरुकुलीय परंपरा पर प्रकाश डाला। गोसेवा की महत्ता बताई। उन्होंने बताया कोई व्यक्ति यदि भयंकर पाप से भी छुटकारा पाना चाहता है। तो शास्त्रों की शरण में आने उसके बुरे कर्म सात्विक हो जाते हैं। कलयुग में मनुष्य को पुण्य कर्म करने से ही मुक्ति मिल सकती है। इस अवसर पर ऋषि महाराज, डा. नरेन्द्र दास, योगेशानंद, बृम्हमुनी, हनुमान दास, शिवप्रसाद, सुभाष शर्मा, मेघ सिंह कुशवाह, शिशुपाल सिंह धाकरे, भगवान स्वरूप शर्मा, पप्पू पहलवान, महेंद्र सिंह, देवेंद्र उपाध्याय, कुंज बिहारी, मुकेश खरे आदि मौजूद रहे।

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