आगरा

फतेहगढ़ साहिब को मत्था टेक आगरा लौटी सरहिंद पंजाब यात्रा

add 22
add 21
add 20
add 2
add 1
add 14
add 13
add 12
add 15

 

आगरा : आगरा लाल किले से फतेहगढ़ साहिब तक निकाली गई सरहिंद पंजाब यात्रा के सदस्यों की वापसी मंगलवार तड़के हो गई है। यात्रा में शामिल सदस्यों ने फतेहगढ़ साहिब में मत्था टेका और गुरु गोविंद सिंह का स्मरण किया। पंजाब के अलग अलग शहरों में यात्रा का जोरदार स्वागत हुआ और अभियान फाउंडेशन द्वारा उठाई गईं मांगों का समर्थन हुआ। उ.प्र. के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहीदी दिवस के अवसर पर संस्था की दो मांगों को मान लिया है, इनमें से एक 28 दिसंबर को बाल दिवस के रूप में मनाए जाने की मांग प्रमुख है। अब आगरा में सामाजिक, सांस्कृतिक एवं खेलकूद से जुड़ी संस्थाएं बुधवार को नौलक्खा में आयोजित समारोह में यात्रा में शामिल लोगों का अभिनंदन करेंगी। अभियान फाउंडेशन के अध्यक्ष एवं यात्रा के संयोजक रवि दुबे ने आगरा लौटकर बताया कि चार दिवसीय ‘सरहिंद पंजाब यात्रा’ में शामिल सदस्यों ने हिंदू धर्मरक्षक गुरु गोविंद सिंह जी और उनके चार वीर पुत्रों बाबा अजीत सिंह, बाबा जुझारू सिंह, बाबा जोरावर सिंह, बाबा फतेहसिंह के महाबलिदान पर शहीदी दिवस पर 28 दिसम्बर को फतेहगढ़ सहिब के कीर्तन दरबार शामिल होकर मत्था टेका। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार है कि उन्होंने गुरु गोविंद सिंह जी के शहीद पुत्रों की स्मृति में शहीदी दिवस को 27 दिसम्बर को ’साहिबज़ादा दिवस’ के रूप मनाने व शैक्षिक पाठ्यक्रमो में सिख गुरुओं के इतिहास को हिस्सा बनाने की सहमति दे दी है। अभियान फाउंडेशन के यात्री दल के सह संयोजक संक्रेश शर्मा ने कहा कि यात्री दल ने फतेहगढ़ साहिब से चमकौर पहुंच कर वहां की पावन धरती को चूमकर व शीश नमन कर विश्व शांति की तरक्की व खुशहाली की प्रार्थना की। इस दौरान सह संयोजक भूपेन्द्र ठाकुर, यात्रा प्रभारी बंटी ग्रोवर, मास्टर गुरनाम सिंह गुरुद्वारा गुरु का ताल, चंद्रकांत, प्रशांत दुबे, सुमित सिंह, सौरव दुबे, अमित गुप्त, अनिल अग्रवाल (नगर सेठ), मोना गुप्ता, रिक्की शर्मा, कैरी सिंह, अवनीश सिंह, गोपाल शर्मा, संदीप राजपूत, योगेश प्रजापति आदि शामिल रहे।

Related Articles

Back to top button
Close