आगरा

मुकदमों से परेशान पति ने भाइयों के साथ मिलकर की पत्नी की हत्या

रानी हत्याकांड का खुलासा, पुलिस ने किया तीनो आरोपियों को गिरफ्तार

liladhar pradhan 1000

 

आगरा : थाना न्यू आगरा क्षेत्र में अब्बूलाला दरगाह के पास वाइक सवार ने बिगत दिनों पूर्व एक महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उक्त हत्या के सम्बंध में थाना न्यूआगरा पर याकूब, अयूब व यूसुफ पुत्रगण हाजी सप्पो उर्फ पोपा निवासी 35/319 तेलीपाड़ा पीर बाबुद्दीन मस्जिद के पास थाना लोहामंडी पंजीकृत किया गया था। उपरोक्त अभियोग में नामजद अभियुक्तो ं की शीघ्र गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के आदेशानुसार, पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन व सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी हरीपर्वत के सफल पर्यवेक्षण में, थाना प्रभारी न्यूआगरा उमेश चन्द्र त्रिपाठी को टीम गठित कर आवश्यक दिशा निर्देश दिये गये। इसी क्रमानुसार गठित पुलिस टीम द्वारा थाना क्षेत्र में हुई हत्या में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु सूचना के माध्यम से उक्त अभियोग में वांछित चल रहे तीन शातिर अभियुक्तों को चौकिंग के दौरान खंदारी चौराहे से गिरफ्तार किया गया, जिनकी जामातलाशी ली गयी तो उनके कब्जे से हत्या मे प्रयोग की गयी 02 एक्टिवा व 03 देशी अदद तमंचा व 06 जिन्दा कारतूस 315 बोर बरामद किये हैं। गिरफ्तार अभियुक्तों से पुलिस द्वारा पूछताछ की तो अभियुक्त याकूब ने बताया कि मृतका से 15 वर्ष पहले मेरी शादी हुई थी। परन्तु शादी के बाद से ही लगातार घर परिवार मे झगड़ा करके मायके चली जाती थी। कई बार रिश्तेदारो एवं समाज के लोगो द्वारा पंचायते भी की गयी थी लेकिन वर्ष 2010 से रानी दोनां बेटो को लेकर मायके नाई की मंडी मे जाकर रहने लगी। काफी समझाने व प्रयास करने के बाद भी वापस नही आयी तथा मुझ पर तथा मेरे परिवार पर कई झूठे मुकदमे लगा दिये, जो कि सब न्यायालय मे चल रहे है तथा समझौते के नाम पर मुझसे 16 लाख रूपये की मांग कर रही थी। अभियुक्त याकूब द्वारा बताया गया कि मृतका रानी द्वारा लगाये गये झूठे मुकदमो की तारीखें करते करते पूरा परिवार काफी हद तक परेशान हो गया था। इसी कारण हमने उसे रास्ते से हटाने के लिए तीनो भाइयों ने एक राय होकर अब्बू लाला दरगाह की तरफ जा रही थी तो वहां सुनसान रास्ता होने के कारण गोली मार दी और जब देखा कि वह मर गयी है तो वहां से भाग गये थे तथा हम लोगां ने योजना के तहत अपने चेहरे ढक रखे थे तथा अपनी एक्टिवाआें पर गलत नम्बर प्लेट लगा ली थी। जिससे कि हम किसी सीसीटीवी कैमरा मे कैद होने के बाद पकड़े न जा सके। गिरफ्तार अभियुक्तों ने घटना का इकबाल किया व एक्टिवाओं के नम्बर प्लेटो के सम्बन्ध मे ई-चालान एप से जानकारी की गयी तो अभियुक्तगण द्वारा धोखाधड़ी कूटरचना कर फर्जी नम्बर प्लेटे अपनी एक्टिवा पर लगाई गयी है, जिसके आधार पर पंजीकृत अभियोग में बढोत्तरी कर आवश्यक कार्यवाही की गयी।

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