आगरा

भ्रष्ट पुलिस कर्मियों पर शासन व प्रशासन लगाये अंकुश : अंशुमन ठाकुर

संगीता की हत्या को लेकर किया आंदोलन, सरकार से की मुआबजे की मांग

liladhar pradhan 1000

 

आगरा : थाना ताजगंज क्षेत्र के नगला कली स्थित पुष्पाजंली ईको सिटी में रिटायर्ड फौजी की पत्नी को जलाकर मौत के घाट उतार दिया गया। जिसको लेकर सामाजिक व क्षत्रिय संगठनों द्वारा न्याय प्रक्रिया की मांग को लेकर गुस्सा शांत होने का नाम नही ले रहा हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार पर दर्ज हुआ एससी एसटी एक्ट को समाप्त कर एफआर लगा दी गई हैं। साथ ही 12 नामजद लोगों में से 4 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा जा चुका हैं। बाकी आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही हैं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुये सिस्टम सुधार संगठन के पदाधिकारियों ने गत दिवस पूर्व सामाजिक व क्षत्रिय संगठनों से एकजुट करने के लिये व संगीता हत्याकांड में संलिप्त बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी कराने व पीडित परिवार को न्याय दिलाने की गुहार लगाई थी। उसी क्रमानुसार आज सिस्टम सुधार संगठन द्वारा एक विशाल जन आक्रोश आंदोलन संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक पर किया गया। जिसमें सैंकडों की संख्या में मौजूद पदाधिकारियों ने पूर्व फौजी की पत्नी संगीता राजावत की हत्या का आक्रोश जताते हुये। पीडित परिवार के लिये सरकार से मुआवजे की मांग की। इस जनाआक्रोश में मौजूद सिस्टम सुधार संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अंशुमन ठाकुर ने पत्रकारों को बताया कि आज पूर्व निर्धारित समयानुसार संगठन द्वारा संजय प्लेस स्थित शहीद स्मारक पर संगीता राजावत की हत्या को लेकर पदाधिकारियों काफी आक्रोश हैं। पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुये कहा कि अगर पुलिस विभाग में कार्यरत भ्रष्ट लोगों से पुलिस की छवि धूमिल हो रही हैं। ऐसे पुलिस कर्मियों को लाइन हाजिर नही निलंबित कर जेल भेजा जाना चाहिये ताकि अन्य कर्मचारियों को सबक मिले कि भ्रष्टाचार ना करें। साथ ही कहा कि एससी एसटी एक्ट के फर्जी मुकदमे के माध्यम से ईको सिटी निवासी पूर्व फौजी के परिवार का शोषण किया गया और उनकी पत्नी को मानसिक यातनायें देकर मौत के घाट उतार दिया। देश के हर समाज की रक्षा करने वाला क्षत्रिय समाज का शोषण किया जा रहा हैं जो कि बर्दाश्त नही किया जायेगा। हमारी केंद्र व राज्य सरकार से मांग हैं कि इस काले कानून पर रोक लगाई जाय ताकि भविष्य में ताजगंज क्षेत्र जैसी घटना की पुनरावृत्ति ना हो। इसके लिए हम सड़क से लेकर संसद तक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

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