आगरा

गैंगरेप आरोपी चला रहे फर्जी अधिवक्ताओं का संगठित गिरोह : विष्णु मुद्गल

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मिशन इंडिया न्यूज़ क्राइम संवाददाता – जितेंद्र सिंह

आगरा : जिले में फ़र्ज़ी अधिवक्ता की डिग्री के साथ वकालत करने व अपराधिक गतिविधियों में संलिप्त होने को लेकर अधिवक्ताओं ने भगवान टाकीज स्थित होटल नीलकंठ में एक प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में अधिवक्ता विष्णु मुद्गल ने पत्रकारों को बताया कि दीवानी सहित जिला मुख्यालय पर भी फर्जी डिग्री के साथ वकालत कर रहे हैं। पत्रकारों को बताया कि फर्जी अधिवक्ता श्रेयांश गौतम पर कई आपराधिक वारदातों सहित सैन्य महिला अधिकारी से सरेराह मर्यादा भंग करने को धारा 354, 354बी के मुक़दमे के साथ छोटा भाई दर्श गौतम को भी गैंगरेप का आरोपी वताया है। साथ ही कहा कि श्रेयांश गौतम ने वर्ष 2014 में अनुक्रमांक 140011061382 मुख्य परीक्षा में फेल हो गया उसके बाद वर्ष 2015 में पुनपरीक्षा में भी फेल हो गया लेकिन वर्ष 2017 में उसने पास की फ़र्ज़ी अंकतालिका से बार काउन्सिल ऑफ़ लॉ में अपने आपको पंजीकृत करा कर धोखाधड़ी से वकालत शुरू कर दी। जबकि डॉ. भीमराव आंबेडकर विवि ने उपरोक्त अंकतालिका को अपनी जाँच में फ़र्ज़ी करार दे चुका है। श्रेयांश गौतम गिरोह बनाकर संगठित रूप से लोगो पर फ़र्ज़ी मुक़दमे दर्ज कराकर रुपया वसूली करता है। उन्होंने आगे साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि श्रेयांश का भाई दर्श गौतम ने बीते दिनों गैंगरेप से जमानत पर छूटने पर शमशाबाद रोड पर नवीन कुमार नामक व्यापारी को जान से मारने की नीयत से गोली मार दी थी। जिसका मुकदमा धारा 307 में पंजीकृत कराया गया। श्रेयांश व उसका भाई दर्श गौतम आये दिन फिर से जान से मारने की धमकियाँ देते है। दोनों भाई वकील के भेष में संगठित अपराध निरंतर कर रहे है। इनके वकील होने की वजह से बहुत सारे लोग खुलकर इनका विरोध नहीं कर पा रहे है। साथ ही कहा कि कलेक्ट्रेट में भी ये फ़र्ज़ी वकील आये दिन वादकारियों से लड़ता झगड़ता रहता है। इससे पूर्व दीवानी परिसर में अधिवक्ता सूरज एवं उसकी बहन धेनू शर्मा पर लाठी-डंडो से हमलाकर जान से मारने का प्रयास किया था जिसका मुकदमा भी थाना न्यू आगरा में धारा 307 में पंजीकृत है। इन दिनों श्रेयांश गौतम कुछ कर्मचारियों से सांठगांठ कर अपने अंको में फेरबदल करवाने की मंशा से अपने गिरोह द्वारा विविश्वविद्यालय से पुनः जांच कराने के लिए प्रयास कर रहा है। जब इस बारे में एंटी करप्शन संस्था को जानकारी हुई तो संस्था ने कुलपति को पत्र लिख कर दोषी श्रेयांश के खिलाफ अविलंब निष्पक्ष जांच की कार्यवाही के लिए अनुरोध किया है।

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