आगरा

आरोप : क्षेत्रीय पुलिस की लापरवाही से जिंदा जली संगीता

मासूमों के सर से उठा मॉ का साया, हुआ अंतिम संस्कार

liladhar pradhan 1000

 

आगरा : थाना ताजगंज क्षेत्र के नगला कली स्थित पुष्पांजलि ईको सिटी निवासी भरत खरे व उनकी पत्नी द्वारा सेवानिवृत फौजी अनिल कुमार राजावत के परिजनों पर एससी-एसटी एक्ट का झूठा मुकदमा पंजीकृत कराने व उनकी पत्नी संगीता राजावत को जलाकर हत्या करने पर क्षेत्र में स्थिति तनाव पूर्ण हो गई थी। आलाधिकारियों के संज्ञान में मामला आने बाद से समूचे क्षेत्र व कॉलोनी को पुलिस ने छावनी बना दिया। जानकारी के लिये आपको बता दें कि थाना ताजगंज क्षेत्र स्थित पुष्पांजलि ईको सिटी में दो परिवारों के बच्चों में खेलने के दौरान छह अक्तूबर को लड़ाई हो गई थी। जिसमें कॉलोनी निवासी भरत खरे के बेटे चोट लग गई। इस मामले में भरत पक्ष ने अनिल राजावत पर झूठा हरिजन एक्ट का मुकदमा पंजीकृत कराने के लिये तहरीर दर्ज करायी थी।

कॉलोनी वासियों ने बताया कि 10 अक्टूबर को एकता चौकी प्रभारी ने अनिल राजावत व उसकी पत्नी संगीता को चौकी बुलाकर प्रताड़ित किया और मानसिक यातनायें भी दी। स्थानीय लोगों द्वारा लगातार गुहार लगाये जाने पर चौकी प्रभारी ने पैसा लेकर देर रात्रि में छोड़ा उसके बाद कॉलोनी में भरत पक्ष व कॉलोनी निवासियों ने एक पंचायत की इस पंचायत के माध्यम से भरत पक्ष ने समझौता करने के लिये अनिल राजावत के परिवार से दस लाख रूपये व पैर छूकर मॉफी के फैसला सुनाया। जिस पर अनिल राजावत एक लाख रूपये देने व माफी मांगने को तैयार हो गये लेकिन बात नही बनी। आरोप हैं कि अनिल की पत्नी संगीता पंचायत छोड़कर घर जाने लगी तभी अचानक से भरत पक्ष के लोगों ने संगीता पर तेल छिड़ककर आग लगा दी महिला चिल्लाती हुई भागी और परिजनों ने जैसे तैसे आग बुझाई और इलाज के आर्मी हॉस्पीटल में भर्ती कराया हालत गंभीर होने पर संगीता को दिल्ली के लिये रैफर कर दिया जहां 11 अक्टुबर को उसकी मौत हो गई।

संगीता की मौत की खबर मिलते ही शहर के क्षत्रिय समाज व राजपूताना यूथ बिग्रेड, भारतीय करणी सेना के पदाधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुये उच्चाधिकारियों से मुलाकात कर कार्यवाही कराने की मांग की। उसके बाद पुलिस सक्रिय हुई पुलिस अधीक्षक नगर रोहन पी बोत्रें ने मौके पर जांच पड़ताल कर भरत खरे व उसकी पत्नी सुनीता को 13 अक्टूबर को हत्या का मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया। साथ ही भरत पक्ष के पंचायत में 10-12 लोग भी इस मामले में पंजीकृत किये गये थे। 14 अक्टूबर बुधवार को सुबह 10 बजे संगीता के पार्थिक शरीर को कॉलोनी में लाया गया। इस दौरान स्वजनों व संगठनों ने जिला प्रशासन से मुआवजे की भी मांग की कि जिसमें आलाधिकारियों ने मुतका के दोनों बेटों के लिए 50- 50 लाख रुपए और एक प्लाट सरकार की तरफ से देने को कहा है। साथ ही थाना प्रभारी व चौकी प्रभारी पर भी कार्रवाई की मांग की है।

स्वजनों का कहना था कि घटना के लिए चौकी प्रभारी भी पूरी तरह से जिम्मेदार है। इसलिए षड्यंत्र में शामिल होने में उन्हें भी आरोपित बनाया जाए। इस पर अधिकारियों ने जांच कर कार्रवाई का आश्वासन दिया। मुआवजे के लिए शासन को पत्र लिखा जाएगा। तब सुबह 10ः00 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हुये और शव को अंतिम संस्कार को ताजगंज श्मशान घाट ले गए। इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर रोहन पी बोत्रें सहित अन्य आलाधिकारी मौजूद रहे। इस दौरान एसपी सिटी ने बताया कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया परिजनों ने शुरू कर दी है। मामले में जांच की जा रही है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। इस मामले में भरत व सुनीता को जेल भेजा गया है। पुलिस ने अन्य दो आरोपियों को भी हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। उन्हें भी जेल भेजा जाएगा। वहीं पंचायत में शामिल अन्य लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है। क्योंकि उन लोगों ने ही भड़काया था। इसकी जांच की जा रही है।

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