मथुरा

जीएलए को मिला यूजीसी से 12बी का दर्जा

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मथुरा। जीएलए विश्वविद्यालय को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की धारा 12बी का दर्जा मिल गया हैं। इस संबंध में यूजीसी का पत्र बीतेे दिनों विश्वविद्यालय को प्राप्त हो गया है।  विदित रहे कि यूजीसी से 12बी का दर्जा हासिल करने के लिए विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी मानकों को पूरा कर आवेदन प्रस्तुत किया था। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा 12बी के आवेदन करने के बाद मानकों के सत्यापन के लिए यूजीसी की सदस्यीय समिति विश्वविद्यालय के आधारभूत संरचना और संसाधनों की पड़ताल के लिए आई थी। सदस्यीय समिति ने विश्वविद्यालय की बुनियादी सुविधाएं, संसाधनों की स्थिति, संकाय सदस्यों का अनुसंधान कार्य, आर्थिक स्थिति और प्रबंधन जैसे विभिन्न पहलुओं पर निरीक्षण किया और सुझाव दिए थे। समिति द्वारा दिए गए सुझावों को विश्वविद्यालय द्वारा पूरा कर लिया गया, जिसके आधार पर समिति की रिपोर्ट यूजीसी की बैठक में रखी गई। मानक पूरा होने पर आयोग ने दर्जा दिए जाने को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी।  कुलाधिपति नारायणदास अग्रवाल ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय यूजीसी के द्वारा जारी दिशा निर्देशों का बहुत पहले से पालन करता आ रहा है। यही कारण है कि जीएलए में छात्रों के लिए सीखने से लेकर शिक्षा की राह में आगे बढ़ने के विभिन्न संसाधन मौजूद हैं। रिसर्च के क्षेत्र में भी छात्रों और शिक्षकों ने नए आयाम स्थापित किए हैं। विभिन्न रिसर्च लैबों के माध्यम से आज छात्र सशक्त बन रहे हैं। इस उपलब्धि पर कुलाधिपति ने विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी।

12वीं की मान्यता से मिलेगा यह फायदा

कुलसचिव अशोक कुमार सिंह ने बताया कि आयोग से मान्यता मिलने के बाद जीएलए विश्वविद्यालय रिसर्च प्रोजेक्ट, संगोष्ठी और सम्मेलन के लिए यूजीसी प्रोजेक्ट के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त कर सकेगा। यूजीसी की योजनाओं के तहत शिक्षकों और शोधकर्ताओं को लाभ मिलेगा। अब विश्वविद्यालय में शोध स्तर बढ़ाने में यूजीसी द्वारा सहयोग मिलता रहेगा।

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