आगरा

भाई ने ट्रैक पर फेंका मासूम, लोको पायलट की सूझबूझ से बची जान

liladhar pradhan 1000

 

आगरा : ’जाको राखे साईंयां मार सके न कोय’, कहावत चरितार्थ हो गई। नई दिल्ली की तरफ से विगत दिवस दोपहर करीब 2.33 बजे मालगाड़ी ने बल्लभगढ़ स्टेशन पार किया ही था कि ट्रैक के नजदीक खेल रहे किशोर ने दो साल के मासूम को ट्रेन के आगे फेंक दिया। मालगाड़ी के लोको पायलट दीवान सिंह और असिस्टेंट लोको पायलट अतुल आनंद घटनाक्रम देखकर हड़बड़ा गए। लेकिन उन्होंने सूझबूझ दिखाई और इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। बताया गया है कि मासूम को उसके किशोर भाई ने खेल-खेल में रेलवे ट्रैक पर फेंका था। लोको पायलट ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोका और बच्चे को सकुशल उसकी मां को सौंप दिया। घटना का वीडियो वायरल होने पर लोको पायलट की रेलवे मंडल में प्रशंसा हो रही है। वायरल वीडियो में खंभा संख्या 1499/13 किलोमीटर पर मालगाड़ी रुकी हुई दिखाई देती है। लोको पायलट-असिस्टेंट लोको पायलट एक बच्चे को मालगाड़ी के नीचे फंसा देखते हैं। बच्चा इंजन के पहियों के बीच फंसा देखकर वे भी दंग रह जाते हैं। हालांकि बच्चे को सकुशल देख उन्हें सुकून आया। बच्चे को निकालकर वे मां को सौंप देते हैं। घटना की जानकारी उसने आगरा छावनी स्टेशन पर वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता उत्तर मध्य रेलवे को वीडियो समेत लिखित जानकारी दी। लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट की सूझबूझ से एक मासूम की जान बच गयी। उनके स्टाफ के सहयोगी उनकी प्रशंसा कर रहे हैं।

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