मथुरा

नवजात बच्चों की देखरेख की टिप्स पोषण माह में दे रही आंगनवाड़ी कार्यकर्ता

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मिशन इंडिया न्यूज़ संवाददाता-  तोरन सिंह

मथुरा : राष्ट्रीय पोषण माह के तहत नवजात बच्चों की देखरेख की टिप्स महिलाओं को दी जा रही है। छह माह की आयु पूरी करने के बाद बच्चे को स्तनपान के साथ-साथ ऊपरी ठोस आहार देना भी जरूरी हो जाता है। डीएम सर्वज्ञराम मिश्र ने विगत 08 सितंबर को राष्ट्रीय पोषण अभियान शुरु कराया था। इस माह में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता छह माह की आयु पार कर चुके बच्चों के घर जाकर उनको अन्नप्राशन करा रही हैं। माताओं को ऊपरी आहार के बारे में न केवल जानकारी दे रही हैं बल्कि इसे तैयार करने की ट्रेनिंग भी दे रही हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी (आगनवाडी) मथुरा रवि किशोर त्रिवेदी की देखरेख में पोषण माह की गतिविधियां चल रही हैं। इस बार कोविड.19 के चलते आंगनबाड़ी केंद्रों में अन्नप्राशन दिवस नहीं मनाया जाएगा।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता छह माह की आयु पूरी कर चुके बच्चों के घर जाकर उनको अन्नप्राशन जरूर करा रही हैं। इसके साथ ही ऐसे बच्चों की माताओं को बताया जा रहा है कि ऊपरी ठोस आहार शुरू करने के साथ.साथ स्तनपान भी दो वर्ष तक जारी रखना जरूरी है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बच्चों को छह माह की आयु पूरी करने पर अन्नप्राशन कराया। इतना ही नहीं बाकायदा अन्नप्राशन संस्कार के मायने भी विस्तार से बताए। इसके साथ ही छह माह के बच्चों को ऊपरी ठोस आहार देना, उनके संपूर्ण मानसिक और शारीरिक विकास के लिए जरूरी है। छह माह की आयु पूरी करने पर केवल स्तनपान से बच्चे को जरूरी पोषण नहीं मिल पाता। कृष्णा नगर की आगनवाडी सुपरवाइजर वंदना ने बताया कि स्तनपान कराने के लिए अपने खानपान का ध्यान रखना भी जरूरी है। आयरन और कैल्शियम युक्त भोजन लें। इसके लिए उन्हें अपने भोजन में दालें, अंकुरित दलहल और हरी पत्तेदार सब्जियों के अलावा, दूध और दही शामिल करना चाहिए।

डाक्टर की सलाह पर आयरन और कैल्शियम के सप्लीमेंट लिए जा सकते हैं। जब भी बच्चा भूखा होने का संकेत करे तो उसे अपना दूध पिलाएं। ऊपरी आहार शुरू करने पर शुरू में दो से तीन चम्मच नरम भोजन, जैसे दलिया, ठीक से मसली हुई सब्जी या दाल, रोजाना दो से तीन बार दें। ध्यान रहे कि ऊपरी अर्द्ध ठोस आहार की शुरुआत दोपहर को करें। दोपहर को बच्चे के लिए इसे पचाना आसान रहता है और दिन में ठोस आहार तैयार करने में भी सुविधा रहती है। मौसमी सब्जियों और फलों को शिशु के आहार में शामिल करना न भूलें। खिलाने से पहले बीज और छिलका अच्छे से निकाल दें। ध्यान रहे कि शिशु का आहार तैयार करते समय मसाले का प्रयोग न करें। साफ.सफाई का पूरा ध्यान रखें। खिलाने से पहले और बाद में अपने हाथों को अच्छी तरह साबुन-पानी से साफ करना न भूलें।

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