आगरा

गांजा तस्करों के लिये ट्रेन के माध्यम से तस्करी करना आसान

चैकिंग अभियान के बाद भी तस्करों पर नही लग पा रहा अंकुश

liladhar pradhan 1000

 

आगरा : ताजनगरी गांजा तस्करों के लिए बड़ा अड्डा बन गई है। ऐसे में तस्करों ने ट्रेन को तस्करी के लिए अपना रास्ता बनाया है। पहले तस्कर जनरल डिब्बों और स्लीपर कोच से गांजा लेकर आते थे। सख्ती बढ़ी तो उन्होंने तस्करी के लिए क्लास बदल दी। एसी कोच में हाई क्लास यात्री बनकर गांजा तस्करी करना शुरू कर दिया। पिछले आठ माह में कैंट स्टेशन से 34 गांजा तस्कर पकडे़ हैं। इनके पास से 221 किलो गांजा बरामद हुआ है। गांजा तस्करी लगातार बढ़ रही है। पहले सड़क मार्ग के जरिए गांजा तस्करी होती थी, लेकिन सड़क मार्ग से पकडे़ जाने का ज्यादा खतरा होने पर तस्करों ने ट्रेन के जरिए तस्करी तेज कर दी। पिछले आठ माह में जीआरपी ने कैंट स्टेशन से 34 तस्कर पकडे़ हैं। इसमें आठ तस्कर लॉकडाउन से पहले के हैं। अनलॉक के तीन माह में ही जीआरपी ने 26 तस्करों को पकड़ा। इसमे युवतियां भी शामिल रहीं। तस्करों ने पूछताछ में बताया कि एसी कोच में आमतौर पर हर यात्री की तलाशी नहीं होती है। ऐसे में वह एसी कोच से ही गांजा लाते हैं। उड़ीसा और विशाखापट्टनम से गांजा तस्करी होती है। तस्कर दिल्ली से फ्लाइट से जाते हैं और वहां से ट्रेनों के माध्यम से गांजा लेकर आते हैं। जीआरपी थाना प्रभारी विजय कुमार चक का कहना है कि गांजा तस्कर अब एसी कोच से हाई प्रोफाइल यात्री बनकर सफर करते हैं, जिससे उन पर शक न हो। तस्करों को पकड़ने के लिए लगातार चेकिंग की जा रही है।

 

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