मथुरा

‘नो चाइल्ड लेबर’ अभियान में दुकानों से दस बच्चे मुक्त कराए

सितंबर माह में दुकानों और कारखानों पर खोजे जाएंगे बाल श्रमिक

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मिशन इंडिया न्यूज संवाददाता-तोरन सिंह

मथुरा: पुलिस और श्रम विभाग ने संयुक्त रूप से स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से मथुरा शहर में सोमवार को “नो चाइल्ड लेबर” के अन्तर्गत बाल श्रम मुक्ति अभियान चलाया ।  दौरान टीम ने विकास बाजार, होली गेट चौराहा, भैंस बोहरा, आदि जगह पर काम कर रहे दस बाल श्रमिको को मुक्त कराया। इस दौरान श्रम विभाग द्वारा दुकान मालिको के विरूद्ध बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम संशोधित 2016 के तहत तहत कार्यवाही की गयी।  ये सभी बच्चे कपड़े की दुकान, मोटरसाइकिल रिपेयरिंग सेन्टर, मोबाईल रिपेयरिंग, किताबो की दुकान आदि पर कार्य कर रहे थे। इसके बाद टीम द्वारा कानूनी कार्यवाही के साथ-साथ लोगों को बाल श्रम कानून के बारे में जागरूक भी किया। किसी भी बच्चे से बाल श्रम न करवाने के लिए निर्देशित भी किया गया।

एएचटीयू प्रभारी निरीक्षक उपासना सिंह ने बताया कि आज नो चाइल्ड लेबर अभियान सितम्बर में पूरे माह चलेगा। बाल श्रम जैसी समस्या को जनपद से खत्म किया जाएगा। चाइल्ड लाइन कोर्डिनेटर नरेन्द्र परE0हार ने बताया कि बच्चों से बात करने पर पता चला कि वह सुबह लगभग 09 बजे दुकान पर आते हैं तथा रात 8 के बाद अपने घर जाते है। इसके लिए उन्हें 4000 से 4500 प्रतिमाह की तनख्वाह भी मिलती है। कुछ बच्चो ने बताया कि कोरोना के चलते उनके घर की आर्थिक स्थिति खराब है। उनके स्कूल भी बन्द हैं। अतः उनके द्वारा परिवार को सहयोग करने हेतु कार्य किया जा रहा है। चाइल्ड लाइन द्वारा उक्त सभी बच्चो की सूचना बाल कल्याण समिति को दी जाएगी। उन्हें सरकारी द्वारा बालहित में चलाई जा रही योजना से भी जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

श्रम प्रवर्तन अधिकारी श्याम सुंदर तथा डेविड जॉन ने बताया कि 14 वर्ष के बच्चो का कार्य करना पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। आज 14 वर्ष से अधिक के बच्चे मिले, जिनके दुकान मालिको के विरुद्ध कार्यवाही की गई है। साथ इन बच्चो को श्रम विभाग द्वारा चलाई जा रही बाल श्रमिक विद्या योजना के तहत जोड़ने का कार्य किया जाएगा। अभियान के दौरान एएचटोयू के एसआई सुरेंद्र भाटी, चाइल्ड लाइन सदस्य पवन कुमार सैनी, अंकित कुमार सविता आदि मौजूद रहे।

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