मथुरा

ब्रज के मंदिरों में करोडों के दान पुण्य का हो रहा है गोलमाल

गोवर्धन के बाद अब बरसाना बल्देव वृन्दावन के मंदिरों के रिसीवरों की जांच

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मिशन इंडिया न्यूज़ संवाददाता-पवन शर्मा

मथुरा : गोवर्धन के मुकुट मुखारबिंद एवं हरगोविंद मंदिर की दान पुण्य की करोड़ों की राशि हड़पने का मामला उजागर होने के बाद अब ब्रज में वृंदावन और बलदेव के मंदिरों के रिसीवर की जांच की बारी है। गोवर्धन का मामला सबूत सहित सामने आने पर यह स्पष्ट हो गया है कि रिसीवर बनकर किस तरह मंदिर के धन को रिसीवर हड़पते हैं। इससे भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंच रही है। द इंपीरियल पब्लिक फाउंडेशन ने आरोप लगाया था कि गोवर्धन स्थित मुकुट मुखारबिंद के रिसीवर ने मंदिर की संपत्तियों एवं धनराशि का गबन किया था। आरोपियों ने एक फर्जी कंपनी बनाकर मंदिर की धनराशि से जमीनों की अवैध रूप से खरीद फरोख्त की थी। साथ ही मुकुट मुखारबिंद में सजने वाले फूल बंगला के नाम पर भी करोड़ों की धनराशि के वारे न्यारे किए गए। इसकी शिकायत करीब दो वर्ष पूर्व स्थानीय प्रशासन से की गई थी। जांच में मामला सही पाए जाने पर स्थानीय अधिकारियों ने यह मामला शासन को अग्रसारित कर दिया।

शासन के आदेश पर गठित %Fसआईटी ने भी जांच में उक्त सभी आरोपों को सही पाया था। साथ ही यह जांच रिपोर्ट भी शासन को भेज दी थी। हालांकि आरोपियों ने अपनी पहुंच के बल पर मामले को दबाने का प्रयास किया लेकिन जुलाई माह में शिकायकर्ता फाउंडेशन ने अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी से शिकायत कर मामले से अवगत कराया। इसके बाद शासन के दबाव के चलते एसआईटी ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने की अनुमति मांगी थी। शासन की अनुमति मिलते ही गत दिवस लखनऊ में 12 आरोपियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करा दी गई, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हुई है।

इनमें रिसीवर रमाकांत गोस्वामी, मनु ऋषि, संतोष कुमार, रामकृष्ण शर्मा, राधा किशन, ठेकेदार विवेक शर्मा, उनकी मां सिद्धश्री शर्मा, पिंटू सैनी, लट्टू सैनी, बिहारी लाल सैनी, उनकी पत्नी कमलेश सैनी एवं कोकन बाबू मिश्रा के नाम शामिल हैं। द इंपीरियल पब्लिक फाउंडेशन के अध्यक्ष रजत नारायण ने विषबाण से बातचीत में कहा कि 14 जुलाई 2020 को उन्होंने अपर मुख्य सचिव गृह को लंबित जांच के लिए पत्र लिखा था। इसके बाद यूपी सरकार सक्रिय हुई और एसआईटी द्वारा मुकदमा दर्ज किया गया है। बताया कि अभी कई प्रमुख आरोपियों को एफआईआर में शामिल नहीं किया गया है। इन पर भी शिकंजा कसे जाने के लिए उनकी कानूनी लड़ाई जारी रहेगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।गोवर्धन के रिसीवर के विरुद्ध मुकदमा कायम होने के बाद अब ब्रज के बलदेव, बरसाना, नंदगांव, गोवर्धन, वृन्दावन आदि मंदिरों में जहां से रिसीवर का सिस्टम है, वहां जांच की मांग उठ रही है।

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