आगरा

लव जिहादः रवि बनकर इकरार ने प्रेमजाल में फंसाई किशोरी

धर्म परिवर्तन करा कर किया निकाह, आरोपी पुलिस ने भेजा जेल

liladhar pradhan 1000

 

आगरा-थाना सिकंदरा क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी के साथ लवजिहाद का मामला संज्ञान में आया जिसमें बताया जा रहा हैं कि सहारनपुर निवासी इकरार ने नाम बदलकर किशोरी को अपने प्रेम जाल में फंसाया। घरवालों से झगड़ा होने पर किशोरी अपने घर से चली गई। आरोपित ने पहले कुछ दिन उसे हरियाणा में रखा और बाद में अपने गांव ले गया। वहां जाकर किशोरी का धर्म परिवर्तन कराया। उसका नाम इकराना रखने के बाद उससे निकाह कर लिया। पुलिस ने आरोपित को अपहरण, दुराचार और पॉक्सो की धारा में जेल भेजा है। बाल कल्याण समिति ने सुनवाई के बाद किशोरी को परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

लॉकडाउन में शास्त्रीपुरम (सिकंदरा) से 17 वर्षीय एक किशोरी लापता हुई थी। पिता ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। किशोरी पिछले दिनों बरामद हुई। उसकी कहानी सुनकर पुलिस वाले भी हैरानी में पड़ गए। फोन पर किशोरी की दोस्ती दानियालपुर, सहारनपुर निवासी इकरार पुत्र निसार से हुई थी। आरोप है कि इकरार ने अपना नाम रवि बताया था। दोनों की दोस्ती फोन पर ही बातचीत के दौरान प्यार में बदल गई। घरE0ालों ने किशोरी को किसी बात पर डांटा-फटकारा तो गुस्से में उसने घर छोड़ दिया। जाने से पहले घर से अपनी हाईस्कूल व इंटरमीडियट की अंकतालिका व 15 हजार रुपए ले गई। फोन करने पर इकरार उसे बस स्टैंड लेने आ गया। वह उसे पहले गुरुग्राम ले गया। वहां दो दिन वे एक होटल में रहे। इसके बाद इकरार उसे हरियाणा के यमुनानगर जिले में ले गया। वहां उसे एक मकान में रखा। आरोपित वहां एक फैक्ट्री में नौकरी करता था।

जब उसे लगा कि किशोरी कोई विरोध नहीं कर रही है तो अगस्त में वह उसको अपने गांव ले आया। यहां उसे इमाम से मिलवाया। उसका धर्म परिवर्तन करा दिया। उसका नाम इकराना रख दिया। उसके बाद उससे निकाह कर लिया। तलाश में जुटी पुलिस ने किशोरी को बरामद कर लिया। आरोपित को भी पकड़ लिया। आरोपित को जेल भेज दिया गया है। किशोरी को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया था। अध्यक्ष श्रीगोपाल शर्मा, सदस्य आशा शर्मा, विनीता कुलश्रेष्ठ, डॉ राजश्री ने किशोरी से बातचीत की। उससे पूछा कि वह क्या चाहती है। उसके बाद उसके परिजनों से शपथ पत्र लिए। जिसमें उन्होंने लिखकर दिया कि बालिग न होने तक वह बेटी की कहीं शादी नहीं करेंगे। उसके साथ किसी प्रकार की मारपीट और अभद्रता नहीं करेंगे। इसके बाद किशोरी को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

वहीं इस मामले में थाना सिकंदरा प्रभारी निरीक्षक अरविंद कुमार का कहना था कि लड़की प्रमाणपत्र के अनुसार नाबालिग है। भले ही वह अपनी मर्जी से गई हो। अपनी मर्जी से शादी की हो मगर यह भी अपराध है। नाबालिग की इच्छा कोई मायने नहीं रखती। कानून कहता है कि नाबालिग को अपने अच्छे बुरे की समझ नहीं होती है। इसलिए आरोपित युवक को जेल भेजा गया है। किशोरी के कोर्ट में भी बयान दर्ज कराए गए थे। जिसमें उसने अपने नाम बदलने और निकाह की जानकारी दी थी। यह बताया था कि दोनों पति-पत्नी की तरह रहते थे। इसी आधार पर मुकदमे में दुराचार की धारा बढ़ाई गई।

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