मथुरा

सड़क पर एम्बुलेंस में गूंजीं दर्जन भर किलकारी

एम्बुलेंस कर्मियों की सूझबूझ से 12 महिलाओं के सुरक्षित प्रसव

liladhar pradhan 1000

मिशन इंडिया न्यूज़ संवाददाता-पवन शर्मा

मथुरा-जनपद में स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवा 102 और 108 के कर्मचारियों ने बड़े ही सूझबूझ के साथ छह महीने के दौरान 12 महिलाओं का सुरक्षित प्रसव एंबुलेंस वैन में ही कराकर जच्चा-बच्चा को नई जिन्दगी बख्शी। मंगलवार को भी एक प्रसव दौड़ती एंबुलेंस में हुआ। एंबुलेंस वैन में ड्यूटी दे रहे इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन (एएमटी) ने यह सुरक्षित प्रसव करवाया। जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। छाता के गांव राजकोट निवासी प्रीति (20 वर्ष) पत्नी सुखीराम को अचानक प्रसव पीड़ा हुई। परिवार के लोग महिला को लेकर छाता सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां प्रसव न हो पाने के कारण तत्काल ही उसे इमरजेंसी में एंबुलेंस से मथुरा के जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर किया गया। 108 एंबुलेंस वैन में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन ड्यूटी थी। रास्ते में चौमुहां और छटीकरा के बीच हाईवे पर अचानक प्रसूता को के तेज दर्द हुआ। जब वह चीखने लगी तो एंबुलेंस वैन को राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे खड़ा किया गया। एंबुलेंस मेA4 प्रसव के दौरान तकनीशियन ने मदद की, जिससे प्रसूता के सुरक्षित बच्चा हुआ।

एंबुलेंस सेवा संचालन करने वाली संस्था के प्रोग्राम मैनेजर अजय सिंह ने बताया कि मथुरा में 56 एंबुलेंस हैं। इस सेवा द्वारा समय से मरीज और गर्भवती को अस्पताल लाने-ले जाने की सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। मार्च 2020 से 08 सितंबर तक कुल 12 प्रसूताओं ने इमरजेंसी में इन एंबुलेंस वैन में अपने बच्चों को सुरक्षित जन्म दिया है। एंबुलेंस में वह समस्त उपकरण व सुविधाएं मौजूद हैं, जो अस्पताल में रहती है।

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