आगरा

लंबे समय के बाद ताजनगरी में लौटेगी पैठे की मिठास-सोनू अग्रवाल

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आगरा-ताजनगरी में लंबे समय से बंद ताजमहल और आगरा किला को 21 सितंबर से खोलने के आदेश के बाद पेठा कारोबारियों के चेहरे पर चमक आ गई है। उन्हें सभी स्मारक खुलने के बाद पेठे कारोबार की ’मिठास’ जल्द लौटने की उम्मीद है। कोरोना संक्रमण काल में ताजनगरी का पेठा कारोबार भी बुरी तरह प्रभावित हुआ। अनलॉक में नूरी दरवाजा स्थित पेठा इकाइयों में भले ही काम शुरू हो गया, लेकिन पेठे की डिमांड पहले की तुलना में आधी भी नहीं रही। पेठा कारोबारी सोनू अग्रवाल ने बताया कि बाजार से कोई डिमांड नहीं आ रही है। पहले एक दिन में डेढ़ कुंतल तक माल बनता था, लेकिन अब 50 किलो ही माल बन रहा है। अब ताजमहल खुलने के आदेश हो गए है तो पर्यटक आएंगे। उम्मीद है जल्द ही पहले की तरह पेठे की डिमांड आएगी।

पेठा कुटीर उद्योग के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बताया कि पर्यटक ही सबसे ज्यादा पेठा लेकर जाते हैं। पिछले पांच माह से स्मारक बंद थे, इस कारण पर्यटक आए नहीं। अब ताजमहल और किला खुलने से पर्यटक आएंगे। पूरी उम्मीद है कि पेठा उद्योग जल्द ही पटरी पर आ जाएगा। पेठा कारोबारी सोनू अग्रवाल ने बताया कि नूरी दरवाजा में करीब 15 से 20 तरह का पेठा बनता है, लेकिन डिमांड न होने के चलते अभी सात-आठ तरह का पेठा ही बन रहा है। ताजमहल के खुलने के बाद पर्यटकों के लिए पहले की तरह सारी वैरायटी बनाई जाएंगी। उम्मीद है जल्द ही पहले की तरह पेठे की डिमांड आएगी। बिक्री न होने से शहर में पेठा की करीब 300 दुकानें बंद हो गई हैं। इसमें अधिकांश दुकानें स्मारक, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड के आसपास थीं। मगर, अब ताजमहल एवं आगरा किला खुलने के आदेश के बाद अधिकांश दुकानों को दोबारा खोलने की तैयारी चल रही है।

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