आगरा

मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से युवा होगें आत्मनिर्भर, कैसे करें आवेदन

liladhar pradhan 1000

 

आगरा-राज्य के शिक्षित बेरोजगार युवकों की बेरोजगारी की समस्या दूर करने और प्रदेश के हुनरमंद व कर्मठ युवाओं को अपने पैरो पर खड़ा करने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना की शुरूआत की है। इस योजना का मुख्य उदद्देश्य युवाओं को स्वरोजगार उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश के बेरोजगार युवाओं को अपना उद्योग शुरू कर स्वरोजगार स्थापित करने के लिए 25 लाख रू0 तक एवं सेवा क्षेत्र हेतु 10 लाख रू0 तक का ऋण बैंकों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। इसमें राज्य सरकार द्वारा 25 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान लाभार्थी को उपलब्ध कराया जाता है, जो कि उद्योग क्षेत्र हेतु अधिकतम रू0 6.20 लाख तथा सेवा क्षेत्र हेतु रु0 2.50 लाख तक देय होता है। जो उद्यम के दो वर्ष तक सफल संचालन के उपरान्त अनुदान में परिवर्तित हो जाता है। प्रदेश में बहुत से ऐसे युवा है जो शिक्षित और किसी न किसी ट्रेड में प्रशिक्षण प्राप्त करने के बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण अपना खुद का कोई उद्योग, स्वरोजगार शुरू नहीं कर पाते।

प्रदेश सरकार बेरोजगार युवाओं को खुद का उद्योग स्थापित करने के लिए मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना को बढ़ावा दे रही है। इस योजना के अन्तर्गत लाभ लेने के लिए यह जरूरी है कि लाभार्थी उत्तर प्रदेश का मूल निवासी हो और बेरोजगार हो। आवेदनकर्ता की आयु 18 से 40 वर्ष के बीच की होनी चाहिए। और वह किसी बैंक का डिफाल्टर न हो। लाभार्थी को कम से कम हाईस्कूल पास होना जरूरी है तथा इस योजना के अन्तर्गत लाभ लेने के पहले से इस तरह की किसी अन्य योजना का लाभ न उठा रहा हो। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजनान्तर्गत आवेदनकर्ता को आनलॉइन आवेदन करना होता है।

आवेदनकर्ता के पास जन्मतिथि सम्बन्धी हाईस्कूल प्रणाम पत्र, आधारकार्ड, वोटर, आई0डी0 कार्ड, उ0प्र0 का स्थाई निवासी होने का प्रमाणपत्र, शैक्षिक योग्यता प्रमाणपत्र, उद्योग स्थापित करने के लिए भूमि/भवन का विवरण अभिलेख, मशीनरी उपकरण, साज-सज्जा हेतु वर्तमान दरों के कोटेशन, जाति प्रमाण पत्र, यदि उद्यमिता विकास प्रशिक्षण प्राप्त किया है तो उसका प्रमाण पत्र, बी0पी0एल0 राशनकार्ड की प्रतिलिपि आदि अभिलेखों का आवेदन के समय लगाने पड़ते है। बेवसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करने के बाद जिला स्तर पर जिला चयन सीमिति के माध्यम से जिला उद्योग केन्द्र द्वारा सम्बन्धित उद्योग के ऋण आदि की पत्रावली बनाकर अभिलेखों सहित सम्बन्धित बैंकों को भेजी जाती है, जहां से लाभार्थी को ऋण उपलब्ध कराया जाता है।

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