स्वास्थ्य

मातृ वंदना योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग दे रहा किस्तों में पांच हजार

माँ और बच्चे के स्वास्थ्य देखभाल में मिलेगा सहयोग, जारी हेल्पलाइन नंबर

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मिशन इंडिया न्यूज़ संवाददाता -लक्ष्मण सिंह

आगरा-कोरोना के इस मुश्किल वक्त में जब रोजी-रोजगार को लेकर दिक्कत है तो ऐसे में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना महिलाओं के हितकर साबित हो रही है। लगभग तीन वर्षों के दौरान  इस योजना से 1,62,898 महिलाएं लाभान्वित हुईं हैं। आगरा जनवरी 2017 से सितंबर 2020 तक जिले में 46295 महिलाएं ग्रामीण क्षेत्र में, 11918 महिलाएं शहरी क्षेत्र में लाभान्वित हुईं हैं. कुल 58213 महिलाओं को इस योजना का लाभ प्राप्त हुआ है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, डॉ. आर. सी पांडेय ने बताया कि कोरोना संक्रमण के दौर में भी पात्र महिलाओं को निरंतर योजना का लाभ देकर सही मौके पर आर्थिक मदद दी जा रही है। उम्मीद है इस राशि से माँ और बच्चे के अच्छे पोषण और स्वास्थ्य देखभाल में सहयोग मिल रहा है। उन्होंने बताया कि संक्रमण के चलते लाभार्थी योजना के फॉर्म अपने क्षेत्र की आशा, एएनएम से संपर्क करके भर सकते हैं। इसके साथ ही प्रवासी पात्र महिलाएँ भी आशा से संपर्क कर इस योजना का लाभ ले सकती हैं। अब इस योजना को लाभार्थियों के लिए अनुकून बनाने के लिए प्रदेश स्तर पर हेल्पलाइन नंबर 7998799804 जारी किया गया है। इस हेल्पलाइन से लाभार्थी फ़ोन पर ही आवेदन संबंधी तथा भुगतान न होने पर आ रही समस्याओं का निराकरण प्राप्त कर सकेंगी। पहली बार गर्भवती होने वाली महिला व प्रसव बाद जच्चा-बच्चा के बेहतर स्वास्थ्य के लिए केंद्र सरकार द्वारा जनवरी 2017 को प्रधानमंत्री मातृ  वंदना योजना की शुरुआत की गयी थी। प्रधानमंत्री मातृ  वंदना योजना के तहत पहली बार मां बनने वाली महिलाओं को पोषण के लिए 5000 रुपये का लाभ तीन किश्तों में दिया जाता है। पंजीकरण कराने के साथ गर्भवती को पहली किश्त के रूप में 1000 रुपये दिए जाते हैं। प्रसव पूर्व कम से कम एक जांच होने पर गर्भावस्था के छह माह बाद दूसरी किश्त के रूप में 2000 रुपये और बच्चे के जन्म का पंजीकरण होने और बच्चे के प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने पर तीसरी किश्त में 2000 रुपये दिए जाते हैं। लाभ पाने के लिए महिला की उम्र 19 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। महिला सरकारी कर्मचारी नहीं होनी चाहिए। सभी भुगतान गर्भवती के बैंक खाते में किये जाते हैं जिसका आधार से लिंक होना ज़रूरी है। प्रधानमंत्री मातृ  वंदना योजना के नोडल अधिकारी /अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यू.के. त्रिपाठी ने बताया कि योजना से संबंधित कोई भी प्रतिनिधि लाभार्थी से ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) नहीं पूछता है और न ही सवेंदनशील सूचनायें जैसे अकाउंट नंबर, सीवीवी पिन मांगता है। यदि कोई व्यक्ति लाभार्थी से इस तरह की जानकारी मांगता है तो उसे यह जानकारी कतई न दें। इस तरह की जानकारी मांगने वाला व्यक्ति पीएमवीवाई प्रतिनिधि नहीं हो सकता। योजना के लिए आवेदन फॉर्म सिप्सा की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है। डी.पी.सी. सनु सूर्यवंशी कोरोना काल में प्रसूताओं के लिए मददगार मातृ वंदना योजना के अन्तर्गत पौष्टिक खान पान के लिए जो धनराशि प्रदान की जाती है उसमें पौष्टिकता के आधार पर किस तरह के आहार की आवश्यकता है।

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