उत्तर प्रदेशधर्म

पितृपक्ष / श्राद्ध पक्ष में शुभ कार्य करें या नहीं, जाने पूरी हकीकत

पितृ पक्ष के दौरान हर तरह की गलत धारणा से बचें

liladhar pradhan 1000

 

आगरा-पितृ पक्ष यानी श्राद्ध पक्ष को लेकर ज्यादातर लोगों में धारणा बनी हुई है कि यह समय अशुभ होता है। इस दौरान कोई भी नई चीज नहीं खरीदनी चाहिए। क्योंकि इस समय पितर धरती पर अपने परिजनों के यहां रहने आते हैं। इसलिए कई लोग कहते हैं इस समय कोई भी खरीददारी नहीं करनी चाहिए। यही कारण है कि पितृ पक्ष के समय कई व्यापार और उद्योग धंधे मंदे पड़ जाते हैं। लेकिन ज्योतिष शास्त्र में ऐसी सभी मान्यताओं का अनैतिक बताया है और इन दिनों कोई भी चीज खरीदना अशुभ नहीं है। शास्त्रों में भी कहीं इस बात का कहीं उल्लेख नहीं किया गया है।

आइए जानते हैं पितृ पक्ष में खरीददारी करना शुभ है या अशुभ इन धारणाओं का कोई आधार नहीं हैं। कई लोग मानते हैं पितर अपने परिजनों के बीच आते हैं और इस दौरान जब कोई नई चीज खरीदते हैं तो उनको समर्पित होती है, जिससे खरीदी गई चीज में प्रेत का अंश होता है। साथ ही कुछ लोग मानते हैं कि पितरों की इस समय श्राद्ध कर्म करके सेवा करनी चाहिए बजाय की कोई नए कपड़े, गाड़ी, गहने आदि खरीदें। ऐसा करने से पितर नाराज हो जाते हैं और वह अपना आशीर्वाद नहीं देते। लेकिन ऐसी सभी धारणएं गलत हैं और इन सब चीजों का कोई आधार नहीं है। पितृ पक्ष के दौरान आपराधिक, अमानवीय और हर तरह के गलत कार्यों से बचना चाहिए।

इस समय किसी के बारे में बुरा ना सोचें और करें। पितृ पक्ष भी अन्य दिनों की तरह ही शुभ माने जाते हैं क्योंकि इस समय पितर हमारे घर पर आते हैं, जो कि खुशी का समय है। उनका श्राद्ध करके आशीर्वाद प्राप्त करना चाहिए। खरीदारी से पूर्वजों को मिलती है शांति 16 दिनों तक चलने वाले पितृ पक्ष में केवल मांगलिक कार्य जैसे विवाह, उपनयन संस्कार, नींव पूजन, मुंडन, गृह प्रवेश आदि करना अशुभ बताया गया है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जब पूर्वज अपने परिजनों के यहां आशीर्वाद देने आते हैं तब कोई भी नई वस्तु देखकर खुश ही होते हैं क्योंकि उनके बच्चे तरक्की कर रहे हैं, इससे उनको सुकून और शांति मिलती है।

गौसेवक पं. मदनमोहन रावत खोजी बाबा

इन दिनों में पूर्वजों के लिए श्राद्ध, तर्पण और दान-पुण्य करना चाहिए। श्राद्ध पक्ष को अशुभ मानना उचित नही है क्योंकि इसकी शुरुआत में गणेशजी की पूजा होती है और उसके बाद नवरात्र आते हैं। ऐसे में श्राद्ध पक्ष से पहले गणेशजी की पूजा कर चुके हैं तो श्राद्ध पक्ष अशुभ कैसे हो सकते हैं। साथ ही इसके पीछे मां दुर्गा भी खड़ी हैं तो अशुभ मानने की कोई वजह है ही नहीं। हमारे समाज में श्राद्ध पक्ष को लेकर बहुत बड़ी गलतफहमी फैली हुई है कि इस समय नए कपड़े, गाड़ी, गहने आदि खरीदना अशुभ होता है। इस बार पितृ पक्ष में सात सर्वार्थ सिद्धि योग, दोषसंघ विनाशक दो रवियोग, एक त्रिपुष्कर योग है।

इसके साथ ही १३ सितंबर को रविपुष्प योग भी बन रहा है। इसके अलावा इस पक्ष में विश्वकर्मा पूजा भी है। इस तरह पितृ पक्ष में पूर्वजों की कृपा बरसेगी। ऐसे में आप मांगलिक कार्य छोड़कर कभी भी कुछ भी खरीदारी कर सकते हैं क्योंकि यह एक शुभ योग है, जिससे केवल लाभ होता है। बिना शंका रखे करें खरीदारी व्यापार बढ़ोतरी के लिए व्यापारी इस समय कई बेहतरीन ऑफर निकालते हैं इसलिए मन कोई शंका रखे बिना श्राद्ध पक्ष में खरीदारी कर सकते हैं। क्योंकि आप नई चीजों को खरीदकर और खुश देखकर पूर्वज खुश होते हैं और श्राद्ध कर्म का मकसद पूरा होता है, साथ ही किसी भी तरह का कोई दोष नहीं लगता। वहीं जाते-जाते भी तो वे सुख, समृद्धि, ऐश्वर्य का आशीर्वाद देकर जाते हैं।

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