राज्यशिक्षा

एक शिक्षक ही दे सकता है शिक्षा का असली ज्ञान-कमल कुमार गौड़

श्रद्धा भाव व हर्षोल्लास से मनाया गया शिक्षक दिवस

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मिशन इंडिया न्यूज़ संवाददाता-पवन शर्मा

मथुरा-जिले के बरसाना स्थित श्री राधा बिहारी इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य कमल कुमार गौड की अध्यक्षता में कोविड -19 प्रतिबंधो व शासकीय दिशानिर्देशों के साथ एक सभा आयोजित की गई। इस दौरान शिक्षकों ने मां सरस्वती व पूर्व राष्ट्रपति सर्वपल्ली राधाकृष्णन के छायाचित्र पर पुष्पार्पण किया गया व उनकी जीवनी व कृतत्व पर प्रकाश डाला। इतिहास प्रवक्ता चंद्रपाल सिंह ने बताया कि डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का जन्म 5 सितंबर 1888 में तमिलनाडु के तिरुतनी गॉव में एक गरीब परिवार में हुआ था। आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद पढाई-लिखाई में उनकी काफी रुची थी. आरंभिक शिक्षा इनकी तिरूवल्लुर के गौड़ी स्कूल और तिरूपति मिशन स्कूल में हुई थी. फिर मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज से उन्होंने अपनी पढाई पूरी की थी. 1916 में उन्होंने दर्शन शास्त्र में एम.ए. किया और मद्रास रेजीडेंसी कॉलेज में इसी विषय के सहायक प्राध्यापक का पद संभाला. 16 वर्ष की आयु में उनका विवाह 1903 में सिवाकामु के साथ हो गया था. वर्ष 1954 में शिक्षा और राजनीति में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए उन्हें भारत सम्मान से नवाजा गया।
भौतिक विज्ञान प्रवक्ता वेदप्रकाश शर्मा ने कहा सर्वपल्ली राधाकृष्णन एक महान दार्शनिक और शिक्षक थे और शिक्षा में उनका काफी लगाव था, इसलिए सम्पूर्ण भारत में सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा करने वाले छात्रों को पुरस्कार दिया जाता है. ऐसा कहा जाता है कि गुरु अर्थात शिक्षक के बिना सही रास्तों पर नहीं चला जा सकता है. वह मार्गदर्शन करते है. तभी तो शिक्षक छात्रों को अपने नियमों में बांधकर अच्छा इंसान बनाते हैं और सही मार्ग प्रशस्त करते रहते है. इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि जन्म दाता से बढकर महत्व शिक्षक का होता है क्योंकि ज्ञान ही इंसान को व्यक्ति बनाता है, जीने योग्य जीवन देता हैं।
कॉलेंज के प्रधानाचार्य कमल कुमार गौड़ ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा यह दिन शिक्षक और छात्रों तथा समाज के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण होता है.। इसी दिन शिक्षको को मान-सम्मान देकर उनके काम की सराहना करते है। एक शिक्षक के बिना कोई भी डॉक्टर, इंजीनियर आदि नहीं बन सकता है. शिक्षा का असली ज्ञान सिर्फ एक शिक्षक ही दे सकता है।
कार्यक्रम में डॉ सत्यप्रकाश सिंह, कमलेश कुमार शर्मा, बाल्मीकि पांडेय, शिव प्रसाद, सुरेंद्र सिंह, यमुनेश गोयल, पुरुषोत्तम शर्मा, सत्येन्द्र कुमार, ओमप्रकाश चौधरी, विनोद भारद्वाज, नत्थीलाल शर्मा, अतुल शर्मा, राकेश कुमार, मोहन सिंह ,श्याम सुंदर सहित कई शिक्षकगण मौजूद रहे।

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