कासगंज

जनपद भर में धू-धू कर जला अहंकारी रावण का पुतला

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मिशन इंडिया न्यूज़ संबाददाता – विक्रम पाण्डेय

कासगंज-जनपद भर में विजय दशमी दशहरा पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।आज के ही दिन राम लंका पर विजय हासिल कर अयोध्या वापिस लौटे थे।तभी से दषहरा को विजय दषमी दषहरा कहते है।यह भी मामना जाता है कि दषहरा वाले दिन रावण के पुतले का दहन करने से असत्य पर सत्य की विजय मानी जाती है। जनपद के कासगंज, सोरों, पटियाली, सिढ़पुरा, गंज, सहावर, अमांपुर में रात्रि के समय धू-धू कर जलया गया रावण का पुतला।उससे पहले कुम्भकरण वध का भी रामलीला में मंचन किया जाता है।बताया जाता है कि कुम्भकरण ने रावण को काफी सूझाया बुझाया था कि श्रीराम से लड़ाई नहीं लड़े और श्रीराम के चरणो में समर्पित हो जाये।लेकिन अहंकारी रावण ने किसी की कोई भी बात नहीं सुनी और अपने सारे कुल को राम के हाथों मरवा दिया।जिससे उसके सारे कुल का तरण हो गया।बताया जाता है कि रावण बहुत ही विद्वान पंडित था उसे पहले से पता था कि वह श्रीराम भगवान विष्नू के अवतार है जिससे इनके हाथो से मरने से उसको मुक्ति मिल जायेगी।इसलिए उसने इतना घिनौना कृत किया कि सीता माता को चुरा कर ले गया।असत्य पर सत्य और अहंकार पर दया की जीत भी मानी जाती है।जिस व्यक्ति ने अहंकार को त्याग दिया उसका मोक्ष निष्चित है।