औरैया

सपा ने धरना प्रदर्शन कर 21 सूत्रीय मांगों का सौंपा ज्ञापन,

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मिशन इंडिया न्यूज़ संवाददाता

औरैया- राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर शुक्रवार को तहसील परिसर में सपाइयों ने धरना प्रदर्शन कर केंद्र एवं प्रदेश सरकार पर आरोप-प्रत्यारोप किए। इसके अलावा उन लोगों ने 21 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को संबोधित जिला अधिकारी के पद नेम उप जिला अधिकारी को सौंपा है।राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर समाजवादी पार्टी ने शुक्रवार को तहसील परिसर में विशाल धरना प्रदर्शन कर महामहिम राज्यपाल उत्तर प्रदेश शासन लखनऊ को संबोधित एक ज्ञापन जिला अधिकारी के पद नेम उप जिला अधिकारी अनुराग शुक्ला को सौंपा है। जिसमें उन्होंने कहा है कि उत्तर प्रदेश लोकसभा चुनाव मे 23 मई 2019 को जीत के बाद भाजपा द्वारा सत्ता के घमंड में प्रत्येक क्षेत्र में अत्याचार किए जा रहे हैं। सामाजिक सद्भाव बिगाड़ा जा रहा है। भाजपा के कार्यकर्ता व नेता गुंडागिरी पर उतर आये हैं। प्रदेश के किसानों, नौजवानों, अल्पसंख्यकों, गरीबों व बेरोजगारों आदि कि अनदेखी करते हुए भाजपा अपने राजनैतिक एजेंडा पर काम करने लग गई है।

इन हालात में समाजवादी पार्टी को अधिक समय तक चुप रहकर प्रदेश की जनता को प्रताड़ित होते नहीं देखना चाहिए। ज्ञापन में कहा गया है कि उन्नाव रेप पीड़िता के साथ न्याय होना चाहिए। इस प्रकरण से संबंधित विधायक को उत्तर प्रदेश के बाहर के राज्य की जेल में स्थानांतरित किया जाए। भाजपा राज में प्रदेश कि कानून व्यवस्था ध्वस्त है। चारों तरफ जंगलराज व्याप्त है। फर्जी एनकाउंटर हो रहे हैं। लोकतंत्र पर भीड़तंत्र भारी है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न, विशेष वर्गों में हत्या की घटनाएं बड़ी हैं। सोनभद्र जिले के उम्भा गांव में जिस जमीन के लिए खूनी नरसंहार हुआ उस जमीन को आदिवासियों को आवंटित कर राजस्व अभिलेख में उनका नाम स्थाई रूप से दर्ज किया जाए। सोनभद्र के उम्भा गांव के नरसंहार कि घटना की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी व्यक्तियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। किसानों का कर्ज माफ नहीं किया गया। बदहाली में किसान आत्महत्या कर रहे हैं। खाद, बीज, कीटनाशक दवाये महंगी होने से किसान तबाह है। गन्ना किसानों का बकाया मूल्य का भुगतान अभी तक नहीं हो सका है। ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति बाधित है। किसानों कि दिक्कतें बढ़ी हैं। बिजली दरों में भारी वृद्धि से आम जनता की कमर टूट चुकी है। जौहर विश्वविद्यालय में राज्य सरकार द्वारा किया जा रहा अत्याचार तत्काल बंद हो। ईवीएम मशीन पर मतदाताओं का भरोसा नहीं है। मतदाताओं को बिना उलझन के सुविधाजनक मतदान कि दृष्टि से एवं निष्पक्ष स्वतंत्र चुनाव बैलेट पेपर से कराने कि व्यवस्था हो।

जन विश्वास कि बहाली के लिए बैलेट से चुनाव आवश्यक है। महिलाओं के साथ छेड़खानी, बलात्कार, बच्चियों के साथ दुष्कर्म और हत्या अपहरण की घटनाओं में बाढ़ आ गई है। डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस के दामों में लगातार वृद्धि से जनता परेशान है। नौजवान और मजदूर बेरोजगारी के शिकार हैं। विभिन्न उद्योगों में छटनी से बेकारी में भारी वृद्धि हुई है। सड़कों के गड्ढा मुक्त करने की योजना भ्रष्टाचार की शिकार है। यातायात एवं परिवहन में दिक्कत हो रही है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न, विशेष वर्गों में हत्या कि घटनाएं बढ़ रही हैं। निर्धन छात्रों का भविष्य अंधकार में है। सरकारी संरक्षण में खोली गई कान्हा आश्रय स्थल में बजट की लूट के चलते पूरे प्रदेश में लाखों गायों की मौत हुई। अल्पसंख्यकों पर फर्जी मुकदमे लगाये जा रहे हैं। उनका फर्जी एनकाउंटर हो रहा है। अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न रोका जाए। भाजपा शासन में लोक सेवा आयोग कि भर्तियों में धांधली व भ्रष्टाचार हो रहा है। आरक्षण पर संकट है।पिछड़ा वर्ग ,अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति का आरक्षण समाप्त करने कि साजिश हो रही है। नकली शराब का धंधा बंद हो। नकली शराब माफियाओं को जेल में भेजा जाए। भाजपा के लोग खनन से जुड़े हैं। खनन माफिया सक्रिय हैं। मिट्टी, मोरंग व बालू के दामों में भारी वृद्धि पर रोक लगाई जाए। स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गयी है। सरकारी अस्पतालों कि हालत खराब है। मरीजों को न दवा न इलाज मिल पा रहा है। प्राइवेट अस्पतालों में लूट पर रोक लगायी जाये। व्यापार में मंदी, उद्योगों में छटनी व व्यापारियों का उत्पीड़न बंद किया जाए, आदि मांगे उठाई गई। धरना प्रदर्शन कि अध्यक्षता सपा जिला अध्यक्ष राम लखन प्रजापति व संचालन ओमप्रकाश ओझा ने किया। इस मौके पर प्रमुख रूप से दिबियापुर पूर्व विधायक प्रदीप यादव, पूर्व विधायक विनोद यादव उर्फ कक्का, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मोहम्मद इरशाद, रामशंकर निषाद, कमलेश यादव, अवधेश भदोरिया, गौरव यादव, अशोक यादव, अनुज यादव, रविंद्र तोमर, विकास पाल, हिमांशु पाल, मुकेश कोरी, गया प्रसाद पाल, खुशी राम निषाद, मनोज कुशवाहा, रामपाल यादव, मोहम्मद अब्दुल सत्तार, शफी खान ठेकेदार व रविंद्र राठौर समेत बड़ी संख्या में सपाई मौजूद रहे।