शामली

पत्रकार को जीआरपी ने पीटा, फिर नंगा करके लॉकअप में पार की बेशर्मी की हदें

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मिशन इंडिया न्यूज़ संवाददाता- मुकेश चौहान

शामली – उत्तर प्रदेश के पत्रकारों के लिए इन दिनों समय अच्छा नहीं चल रहा है। कभी बदमाशों द्वारा उन्हें निशाना बनाया जा रहा है तो कहीं पर पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई कर रही है। स्वतंत्र पत्रकार प्रशांत कनौजिया की गिरफ्तारी का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि उत्तर प्रदेश के शामली से भी पत्रकार के उत्पीड़न का मामला सामने आया है। यहां न सिर्फ पत्रकार की जमकर पिटाई की गई, बल्कि उन्हें थाने में भी बंद कर दिया गया। दरअसल, शामली में फाटक के पास मालगाड़ी के कुछ डिब्बे पटरी से उतर गए थे और इसी की कवरेज के लिए पत्रकार अमित शर्मा वहां पहुंचे हुए थे। अमित शर्मा को रिपोर्टिंग करते देख पहले से किसी बात पर नाराज सादा वर्दी में तैनात रेलवे पुलिस कर्मियों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने अमित शर्मा की पिटाई कर दी। यही नहीं, उन्हें थाने लाकर बंद कर दिया। इस दौरान उनके कपड़े उतारकर भी पिटाई की गई।आरोप है कि यह पूरी घटना जीआरपी एसएचओ राकेश कुमार के इशारे पर हुई। हालांकि, पुलिस के उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचने के बाद मामले की जांच के आदेश देते हुए एसएचओ राकेश कुमार और कांस्टेबल संजय पवार को निलंबित कर दिया गया है। यूपी के डीजीपी ओपी सिंह ने कहा है कि आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन इस घटना ने पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर सवाल जरूर खड़ा कर दिया है।पत्रकार का कहना है कि उसने कुछ दिनों पूर्व जीआरपी को लेकर अवैध वेंडरिंग की खबर चलाई थी, जिससे एसएचओ जीआरपी राकेश कुमार नाराज थे। पत्रकार का दावा है कि जीआरपी एसएचओ ने उनका मोबाइल छीन लिया और थाने ले जाकर जमकर पिटाई की। पत्रकार का कहना है कि जीआरपी एसएचओ व उनके सहयोगियों ने हवालात में उनके मुंह पर टॉयलेट भी किया।