आगरा व्यापार

उद्योगों की समय-समय पर सेफ्टी ऑडिट हो – ले0 जनरल रविन्द्र प्रताप साही

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मिशन इंडिया न्यूज़ संबाददाता – मुकेश चौहान

आगरा – उ0प्र0 राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण एवं जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण आगरा के संयुक्त तत्वाधान में रसायनिक औद्योगिक आपदा प्रबंधन की मण्डल स्तरीय कार्यशाला आयुक्त सभागार में सम्पन्न हुई। जिसके मुख्य अतिथि मा0 अध्यक्ष, उ0प्र0 राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण उ0प्र0 ले0 जनरल रविन्द्र प्रताप शाही थे। कार्यशाला की अध्यक्षता मंडलायुक्त श्री अनिल कुमार ने की।रासायनिक औद्योगिक आपदा प्रबन्धन मण्डल स्तरीय कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मा0 उपाध्यक्ष ले0 जनरल रविन्द्र प्रताप शाही ने कहा कि आपदा प्रबंधन के दृष्टिगत उद्योगों के स्थापना के समय से ही सतर्क दृष्टि रखी जाय तथा उद्योगों की समय-समय पर सेफ्टी ऑडिट करायी जाय, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि आपदा प्रबंधन से सम्बन्धित सभी उपकरण ठीक ढंग से कार्य कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए उद्योग स्वामियों से अपील की कि वे सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करें, क्योंकि आपदा से उनके स्वयं के नुकसान के साथ ही आस-पास क्षेत्रों में भी जनहानि व नुकसान हो सकता है। उन्होंने कहा कि रासायनिक आपदा मानवीय, तकनीकी व प्रबंधन चूक के साथ ही साथ परिवहन व अपशिष्टों के निपटान के दौरान भी हो सकती है। इसके लिए जरूरी है कि आपदा प्रबंधन की गाइड लाइन के अनुसार अनुपालन सुनिश्चित किया जाय।

   अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में आयुक्त श्री अनिल कुमार ने कहा कि उद्योगों में सुरक्षा के दृष्टि से जो आन्तरिक व बाहरी प्लान सुनिश्चित की गयी है, उसका नियमित परीक्षण होता रहे। उन्होंने अपेक्षा की कि उद्योगों के संसाधनों व आस-पास के क्षेत्र का ध्यान रखते हुये आपदा प्रबंधन हेतु सुरक्षा प्रणाली विकसित की जाय। उन्होंने प्रदेश में राज्य आपदा मोचक निधि (एस0डी0आर0एफ0) के गठन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुये कहा कि इससे आपदा प्रबंधन को विशेष बल मिलेगा।

    कार्यशाला में जिलाधिकारी श्री एन0जी0 रवि कुमार ने कहा कि रासायनिक औद्योगिक संस्थानों में प्रयुक्त हो रहे रसायनों का विशेष ध्यान रखते हुए उसके अनुरूप शार्ट, मीडियम व लांग टर्म प्लान बनाकर आपदा प्रबंधन की कार्यवाही सुनिश्चित की जाय। उन्होंने विभिन्न सम्बन्धित विभागों से आगरा के उद्योगों में प्रयुक्त हो रहे रसायनों के दृष्टिगत जांच कर आपदा प्रबंधन का प्लान विकसित करने की अपेक्षा करते हुए कार्यशाला से प्राप्त जानकारी के अनुरूप आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

   कार्यशाला में परियोजना निदेशक, उ0प्र0 राज्य प्रबन्ध प्राधिकारण श्रीमती अदिति उमराव ने रासायनिक औद्योगिक आपदायें तथा इनके प्रबंधन में जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण एवं राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण की भूमिका पर विस्तृत प्रकाश डाला। कार्यशाला को वरिष्ठ सलाहकार एन0डी0एम0ए0 डा0 कुणाल शर्मा, परियोजना निदेशक, उ0 प्र0 राज्य प्रबंध प्राधिकरण श्री बलवीर सिंह, हेड सी0बी0आर0एन0, डिफेन्स श्री विनोद कौशिक तथा सेवानिवृत्त महाप्रबंधक भारतीय तेल निगम श्री एस0के0 सिंह ने व्यवहार आधारित सुरक्षा क्रियान्वयन तथा रसायनिक औद्योगिक आपदाओं में राहत प्रबंधन आदि से सम्बन्धित विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर राष्ट्रीय आपदा मोचक निधि (एन0डी0आर0एफ0) आपदा प्रबन्धन के समय होने वाले उपकरणों को भी प्रदर्शित किया गया। कार्यशाला में आयुक्त श्री अनिल कुमार व जिलाधिकारी एन0जी0 रवि कुमार, मुख्य विकास अधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़, अपर जिलाधिकारी (वि0/रा0) राकेश कुमार मालपाणी, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) निधि श्रीवास्तव सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा उद्यमीगण उपस्थित थें।